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एआईएमआईएम ने महाराष्ट्र में एमवीए राज्यसभा उम्मीदवारों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने ‘कुछ शर्तें रखी ।

भाजपा के तीसरे उम्मीदवार को दौड़ में उतारने के बाद, हर वोट महत्वपूर्ण हो गया है।

पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष इम्तियाज जलील के अनुसार, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने महाराष्ट्र राज्यसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) उम्मीदवारों को वोट देने का विकल्प चुना है। जलील के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने का निर्णय हो चुका है, लेकिन एमवीए प्रशासन में भागीदार शिवसेना के साथ पार्टी का “राजनीतिक / वैचारिक संघर्ष” बना रहेगा।

एआईएमआईएम नेता ने टिप्पणी की, “हमने धूलिया और मालेगांव में अपने विधायक निर्वाचन क्षेत्र के विकास से जुड़ी कुछ शर्तें रखीं।” इसने यह भी आग्रह किया कि राज्य सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के एक सदस्य को महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग में नियुक्त करे और महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड की आय में सुधार के लिए “कार्रवाई” करे।

जलील ने ट्वीट किया, ‘मुस्लिम आरक्षण भी मांगा।

“हमारे दो AIMIM महाराष्ट्र विधायकों को @INCIndia के राज्यसभा उम्मीदवार @ShayarImran को वोट देने का निर्देश दिया गया है।” हम उन्हें अपनी हार्दिक शुभकामनाएं भेजते हैं!”

आज के राज्यसभा चुनाव से पहले अंकगणित और गठबंधन चर्चा में हैं।

दो दशक से अधिक समय के बाद, महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव होगा, जिसमें सात उम्मीदवार छह सीटों के लिए मैदान में होंगे। चुनाव लड़ने वाली सातवीं सीट के लिए अपनी रणनीतियों को सुदृढ़ करने के लिए राजनीतिक दलों ने गुरुवार को उन्मत्त बैठकें कीं।

सत्तारूढ़ गठबंधन के सूत्रों का हवाला देते हुए पीटीआई के अनुसार, शिवसेना, राकांपा और मुंबई के विभिन्न होटलों और रिसॉर्ट में रखे गए कांग्रेस विधायक मतदान शुरू होने से पहले राज्य विधानसभा के लिए रवाना होंगे।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार, कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे और भाजपा के अश्विनी वैष्णव, जो केंद्रीय मंत्री भी हैं, ने अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने के लिए मुंबई में अपने-अपने दलों के नेताओं से मुलाकात की।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, भाजपा के अनिल बोंडे और धनंजय महादिक, राकांपा के प्रफुल्ल पटेल, शिवसेना के संजय राउत और संजय पवार, और कांग्रेस के इमरान प्रतापगढ़ी सभी छह राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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